বিদ্যালয়ঃ জ্ঞানস্য নিধানম্। তত্র বিদ্যালয়ে গুরবঃ অম্মান্
বিবিধান্ বিষয়ান্ পাঠয়ন্তি, উপদিশন্তি চ সন্মার্গম্। অস্মাসু তে
অপত্যবৎ স্নিহ্যন্তি। বিদ্যালয়স্য পার্শ্বে অস্তি দূর্বাঙ্কুরৈঃ ব্যাপ্তং
ক্রীড়াঙ্গনম্। তত্র বয়ং ধাবনম্ কুর্দনম্ খেলনম্ উৎপতনম্ চ কুর্মঃ। অতীব পবিত্ৰঃ বিদ্যালয়ঃ যত্র সন্তি গুরুচরণাঃ ছাত্রকল্যাণতৎপরাঃ।
Sanskrit Essay on Mahabharata महाभारतम् महर्षिणा वेदव्यासेन विरचितः बहुप्रसिद्धः इतिहासः विद्यते। अस्मिन् ग्रन्थे कौरव-पाण्डवानां महायुद्दं मुख्य-विषयरूपेण वर्णितमस्ति। मानवजीवनस्य धर्मार्थ-काम-मोक्ष-रूपाः समस्तपुरुषार्थाः अत्र विशालग्रन्थे सन्निवेशिताः। अस्य महाभारत स्य भीष्मपर्वणि श्रीमद्भगवद्गीता विद्यते। भगवता कृष्णेन मोहग्रस्तम् अर्जुनं प्रति ज्ञान-कर्म-भक्ति-विषयकः उपदेशः गीतायां प्रदत्तः। अस्यां गीतायामपि अष्टादश अध्यायाः सन्ति। मानव-जीवनस्य विविधविषयाः अत्र समीचीनतया प्रतिपादिताः सन्ति। इयं विश्वजनीन-कृतिः कालजयिनी चिरन्तनी एव। Sanskrit Essay on Mahabharata Sanskrit Essay on Mahabharata महाभारतम् निबंध: | Sanskrit Essay on Mahabharata